Monday, March 8, 2010

कल्पना

कल्पना ने
यथार्थ की
ज़मी पर
पांव टिका
जब जन्म ले
आकार लिया ।
स्वतः ही तब
चंहु ओर से
मेरा मनोबल
जुट आया
और फिर उसे
साकार किया ।

24 comments:

Rekhaa Prahalad said...

बहुत सुन्दर! मनोबल जुटा पाना इतना आसान नहीं और ये सबके बस कि बात नहीं!

sangeeta said...

beautiful !!
i am sure i have told you that your hindi poetry motivates me to write in hindi too ........

vikas said...

प्रेरणा स्रोत है,ये आपकी कविता,सुन्दर रचना .
विकास पाण्डेय
www.विचारो का दर्पण.blogspot.com

दिगम्बर नासवा said...

कल्पना को यथार्थ में बदलना आसान नही ... सलाम है इस जज़्बे को ...

Babli said...

बहुत सुन्दर भाव के साथ आपने बेहद ख़ूबसूरत रचना लिखा है! बहुत अच्छा लगा!

रश्मि प्रभा... said...

kalpanaon ko hakikat banane ka manobal ho to kya kahne.....zindagi ke her shakh mukhrit hote hain

निर्मला कपिला said...

बहुत सुन्दर कल्पना को यथार्थ मे बदलना शायद नारी के लिये ही संभव है। शुभकामनायें

रचना दीक्षित said...

बहुत अच्छी और गहरी बात कह डाली और वो भी सकारात्मक!!!!!!!!!!!!!!!!!!.दिल से बधाई स्वीकारें

सतीश सक्सेना said...

कल्पना अगर यथार्थ बन जाये ! काश यह सबके साथ हो जाये .... आपको शुभकामनायें !

sangeeta swarup said...

बहुत सकारात्मक भाव....बधाई

मनोज कुमार said...

बहुत सुन्दर भाव

sm said...

सुन्दर रचना
बहुत सुन्दर!

Avinash Chandra said...

Bahut khubsurat aur ojaswi...saadhuwaad

dipayan said...

अति सुन्दर रचना । दुआ है, आपकी हर सुन्दर कल्पना साकार हो ।

amita said...

कल्पनाओं की उड़ान भरने में कोई
सीमा नहीं
लेकिन अपनी कल्पनाओं को साकार
करने के लिए एक लक्ष्य मनोबल जरूरी हैं
बहुत ही अच्छा सन्देश हैं आप की लिखी
कल्पना में

sada said...

गहरे भावों के साथ बेहतरीन रचना ।

vishnu-luvingheart said...

"koun kahta hai aasmaan mein chhed nahi hota...ek pathar to tabiyat se uchhalo yaron...." apki rachna ne mujhe uprokt panktiyon ki yaad dila di....
"Khwab to har koi dekhta hai...
par jo jagke use sakar kare wo hi khwab 'Avishkar' karta hai...."

ज्योति सिंह said...

sabki baato se main bhi sahamat hoon ,kalpana sakaar ho jaye to jindagi umango se aap hi bhar jaayegi .hamesha ki tarah khoobsurat rachna .copm.kharab hone ki vazah se late ho gayi ,shobhna ji se baate hui kya do din pahle on line rahi .mahila divas ki badhai bhi .

surjit said...

A wonderful poem. Lovely blog.
God bless.

JHAROKHA said...

aadaniya ji ,
insaan kemanobal ko banaye rkhane ka sandesh deti ek kabile tarif post,ati sundar .
poonam

अक्षिता (पाखी) said...

बहुत सुन्दर लिखा...बेहतरीन रचना !!
______________

"पाखी की दुनिया" में देखिये "आपका बचा खाना किसी बच्चे की जिंदगी है".

mridula pradhan said...

khubsurat rachna .

mridula pradhan said...

bahut sunder.

Dr.Ashok said...

Kalpana aur yatharth ka milan - bahut sunder