Friday, March 26, 2010

उमंग

उमंग का हो साथ
तो लम्बा सफ़र भी
कैसे कटता है हमारा
पता ही नहीं चले ।

कोई भी मुश्किल
टिक नहीं पाती
जोश जो पलता है
इसकी छाँव तले ।

25 comments:

sangeeta swarup said...

जीवन में उमंग हो तो हर काम सहज और सरल लगता है....बहुत अच्छी प्रेरणादायक पंक्तियाँ ....बधाई

Babli said...

बहुत सुन्दर रचना! बिल्कुल सही फ़रमाया है आपने! उमंग साथ हो तो सफ़र चाहे कितना भी लम्बा हो पता ही नहीं चलता और इसका आनंद पूरी तरह से हम उठाते हैं! बहुत बढ़िया लगा!

रश्मि प्रभा... said...

josh aur umang na ho to zindagi thahar jati hai.......bahut sahi kaha

Rakesh said...

उमंग का हो साथ
तो लम्बा सफ़र भी
कैसे कटता है हमारा
पता ही नहीं चले ।
wah apnatava ji ..aapne umang ke sahare jeene ki jo prerna ..kavyatmak prerna di hai wakai us per amal ker hum jeevan ko josh se bher sakte hai ....sadhuwad

रचना दीक्षित said...

सचमुच लाजवाव.
बेहतरीन अभिव्यक्ति बहुत गहरी बातें

अनामिका की सदाये...... said...

जोश जहा पलता हो वहा निराशा और मुश्किलें कैसे पल सकती है...बेहतरीन रचना. बधाई.

BrijmohanShrivastava said...

उमंग का सही चित्रण

Parul said...

umang ke rang jindagi khoobsurat bna dete hai.. :)

Parul said...

ye aapka pyar aur badppan hai,jo bhi hoon aap sabki vajah se hoon
tnanx mam :)))))

Pankaj Upadhyay (पंकज उपाध्याय) said...

उमंग का साथ हो तो फ़िर सब कुछ अच्छा लगता है.. सब अपना अपना लगता है..

आपकी फ़ीड मेरे गूगल रीडर मे अपडेट नही हो रही, इसीलिये मुझे पता नही चला कि आपने नयी नयी पोस्ट की है..

sm said...

beautiful poem
but one should get this उमंग
from where ?
just a thought
for you to write a poem on this

शोभना चौरे said...

jeevan ko jeevan deti hui bahut sunder abhvykti

दिगम्बर नासवा said...

मन में हो उमंग तो जीवन आसान हो जाता है ...
आशा, उमंग ही तो जीवन का सार है ... अच्छा लिखा है ...

श्याम कोरी 'उदय' said...

...सुन्दर भाव,बधाई!!!!

Manoj Bharti said...

बेहतरीन रचना .... बहुत खूब !!

KAVITA RAWAT said...

Umang hi jindagi hai, iske bina jiwan veeran hai.... sahi kaha aapne....
aur Maa ji aajkal bachhon ke exam aur office training bhi nirantar chal rahin hain... kabhi-kabhi thoda bahut samay mil paata hai.. isleye blog par nahi aa paayee.. iske liye sorry....
Apna khyal rakhiyega ji..
Shubhkamnayen.....

vibha said...

sandesh detee sarthak rachana.

हरकीरत ' हीर' said...

सही कहा उमंग में जोश होता है ....कल ही सोच रही थी ग़ज़ल विधा में भी निपूर्ण होने के लिए देखती हूँ जोश कितना साथ देता है ......!!

amita said...

उमंग की रचना जीवन में एक जोश
ले आई हैं
कोई भी मुश्किल
टिक नहीं पाती
जोश जो पलता है
इसकी छाँव तले ।
जियो खूब जियो उमंग के साथ
बहुत खूब !

amita said...

Sarita ji

"umang" is so full of life !!

ज्योति सिंह said...

उमंग का हो साथ
तो लम्बा सफ़र भी
कैसे कटता है हमारा
पता ही नहीं चले ।

कोई भी मुश्किल
टिक नहीं पाती
जोश जो पलता है
इसकी छाँव तले ।
mujhe behad pasand aai rachna ,umange nirasha chhanti hai .sundar aur sach

Aparna said...

Sahi kaha apne, josh jeevan mein na ho to kahin kuch kami si lagti hai.

kumar zahid said...

उमंग मुश्किल सफ़र
जोश छाँव


लम्बे और दुरूह सफर के लिए ठीक ठीक औजार है ये लफ्ज़,
बिल्कुल कमर में बांधे रखने लायक। अच्छी सोच।

kshama said...

Saral sakaratmak rachana...apne aaspaas hi mil jati hain umange...gar kabhi na dikhe to intezaar kar len...milhi jayengi!

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

Bahut sundar abhiwyati hai.