Sunday, February 7, 2010

एक बात

स्वाभाविक तौर पर विचारो का मिलन
ये एक बात है
स्वार्थ हेतु विचारो का मिलन
ये अलग बात है ।
सही बातों का जम कर समर्थन देना
ये एक बात है
खुश करने के लिए हां मे हां मिलाना
ये अलग बात है ।
हित की जो सोंचे वो ही सच्चा हितेषी
ये एक बात है ।
दिल को खुश करने वाला ही भला लगे
ये अलग बात है ।


आज का सत्य ये है |


एक बात किनारे कर दी गई है |

और

अलग बात सब पर हावी हो गई है ।

20 comments:

sangeeta swarup said...

आपकी ये एक बात बहुत सही है....पूरा अनुभव निचोड़ कर रख दिया है.....विचारणीय पोस्ट...

Babli said...

बहुत ही सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ आपने शानदार रचना लिखा है जो काबिले तारीफ़ है!

Parul said...

saral shbon mein guthi anupam rachna :)

Razi Shahab said...

waahhh kya ik alag baat aapne kahi hai...bahut achchi vichadhara

Harsh said...

baat sahi kahi hai aapne........

रश्मि प्रभा... said...

waah......kya satik baat kahi hai

Manoj Bharti said...

बहुत अच्छा लिखा है ।

निर्मला कपिला said...

bahut gahan cintan sahee baat hai | rachana bahut achhee lagee dhanyavaad

शोभना चौरे said...

vah
sarl kintu spsht aur gambheer chintan .
abhar

हास्यफुहार said...

बहुत अच्छी जानकारी। धन्यवाद।

Swatantra said...

you always bring back the thoughts from mind...

Devendra said...

आज का सत्य ये है कि एक बात किनारे कर दी गई है और एक अलग बात सब पर हावी हो गई है
....सच्ची बात.

दिगम्बर नासवा said...

हित की जो सोंचे वो ही सच्चा हितेषी
ये एक बात है ।
दिल को खुश करने वाला ही भला लगे
ये अलग बात है ...

जीवन के सत्य को लिख दिया है आपने ...... बहुत अच्छा लिखा है .... यथार्थ ...

Smita Srivastava said...

Hi , first time here .
Your poems are a real magic , they kept me glued till i finished reading all . Amazing flow of words ...

Smita
http://littlefoodjunction.blogspot.com/

sm said...

excellent poem
just apply the poem to current politics

Anonymous said...

Mom good one!! Good play with words.. Reminds me of the kind of kavitas one hears in kavi sammelans!

Fauziya Reyaz said...

kabhi kabhi thode se alfaaz kitna kuch keh jaate hain...ise kehte hain jiwan ka nichod ek kavita mein

Madhur Maurya *Madhukar* said...

bahut achha likha....
ek dum sahi...

KAVITA RAWAT said...

Bahut achhi aur sachhi rachna lagi Maaji. Bahut badhai.
Aapka email pls mere blog par deejiyega.

ज्योति सिंह said...

aapki sabhi baate aham hai ,jabardast hai .aur gahri bhi