Thursday, July 1, 2010

भाभी ...( पुण्यतिथी )

संयुक्त परिवार मे अपने देवर ननदों से भाभी कहलाने वाली मेरी मां आजन्म भाभी ही रही । झांसी नागौर और हैदराबाद जंहा भी वो रही जगत भाभी ही रही ।
आज उनकी पुण्यतिथी है . १९९९ मे उन्होंने हम से चिर विदा ली पर उनके आदर्श हमारा मार्ग दर्शन करने मे आज भी सक्षम है ।
मेरी भाभी का जन्म जैन परिवार मे राजस्थान के शहर अजमेर मे हुआ । अपने धर्म के प्रति अगाध आस्था थी उनकी । जैन धर्म के बारे मे जो जानते है उन्हें पता ही होगा सय्यम परिग्रह और त्याग की भावना आत्मा है इस धर्म की पर साथ ही वे जातिप्रथा के खिलाफ थी और मानव धर्म सर्वोपरि था उनके लिये ।
गांधीजी विनोवा भावे की विचारधाराओ से वे और बाबूजी जुड़े थे । भूदान को ले उन्होंने विनोवा भावे जी के साथ पदयात्रा भी की थी ।
बाल विधवा और गरीब महिलाओ को आत्म निर्भर बनाने के लिये उन्होंने उस ज़माने मे जो कदम उठाये वे
सराहनीय थे समाज की महिलाओं से उन्होंने अपील की थी कि दोपहर का सिर्फ एक घंटा वे महिलाए उन्हें दे जिन्हें किरोषा कडाई और सिलाई आती है। उन जरूरत मंद महिलाओ कोईस कला मे निपुण कर उनकी बनी चीज़े मैले मे या प्रदर्शनी मे बिकवाना इसके लिये कलेक्टर से मिलना शुल्क हीन स्टाल दिलवाना सब कुछ कर लेती थी वे ।
चलचित्र की तरह आज अतीत के एक एक पन्ने खुलके सामने आ रहे है ......
एक वार की बात है वे हरि जन बस्ती गयी थी उन्हें साफ़ सफाई से रहने और बच्चो को पाठशाला भेजने की बात करने समझाने ।
जब ये बात जैनियों तक पहुची उन्होंने अगले दिन भाभी को मंदिर मे अन्दर जाने की इज़ाज़त नहीं दी वे तो कट्टर थी कभी पूजा पाठ किये बिना आहार ग्रहण नहीं करती थी उन्होंने अन्नशन्न किया तीन दिन पानी भी मुह मे नहीं लिया जब ये बात चीफ मिनिस्टर तक पहुची उन्होंने स्वयं आकर दरवाजा खुलवाया था मंदिर का और पूजा करके ही उन्होंने आहार लिया
था ।
नागौर मे बाज़ार मे व्यापारियों ने सड़क घेर चबूतरे बडवा लिये थे फलस्वरूप यातायात मे दिक्कते होती थी लाख नोटिस
के बावजूद कुछ नहीं हो पा रहा था कलेक्टर के आग्रह पर उन्होंने सड़के चौड़ी करवाने मै भी पूरा साथ दिया था रातो रात बड़े हुए चबूतरो को तुडवा सडक चौड़ी करवाई थी ।
फिर तो नागौर मे लोग आदर से उन्हें झांसी की रानी कहने लगे थे ।
मेरे बाबूजी का जन्म झांसी मे हुआ उन्होंने वकालत की पढाई इलाहबाद से की और दादाजी के कहने पर अपने पुश्तैनी गाँव नागौर मे प्रेक्टिस की । अन्याय वो देख नहीं पाते थे । बाबूजी के बारे मे फिर कभी लिखूँगी विस्तार से ।
मेरे बाबूजी के दर्शन , सादगी और स्वावलंबन से मेरी भाभी बहुत प्रभावित थी । दूसरों के दुखो को बाँटने मे अग्रसर रहने वाली थी मेरी भाभी ।
पचास साल पूर्व की बाते ऐसे याद आ रही है कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही ...........
पर बस आज इतना ही .............

42 comments:

सम्वेदना के स्वर said...

भाभी शब्द ही अपने आप में ममत्व और बंधुत्व को समेटे है... स्वतंत्रता संग्राम में दुर्गा भाभी के योगदान को हमेशा स्मरण किया जाता है. आपने भाभी जी का नाम नहीं लिखा, किंतु वो दुर्गा भाभी भी हो सकती हैं और झाँसी की रानी भी... असल बात तो उस जज़्बे की है जिसके साथ उन्होंने काम किया... ऐसे कितने ही देश सेवी हैं जिन्हें हम जानते तक नहीं. संबुद्ध सद्गुरू ओशो भी जैन परिवार में जन्मे थे और उनके विद्रोही स्वभाव को सारा विश्व जानता है.
भाभी जी की स्मृति को स्मरण एवम् हमारी तरफ से श्रद्धा सुमन अर्पण!!

सतीश सक्सेना said...

अच्छा लगा माँ के बारे में जानकार , शक्ति का रूप थीं वे ...उस जमाने में जब महिलायों का घर से बाहर जाकर काम करना गलत माना जाता था ...समाज कार्य करना निस्संदेह लोगों की उंगली अपनी तरफ उठाने के लिए उकसाना ही रहा होगा ! आपके नाना नानी धन्य हो गए होंगे उस समय ऐसी पुत्री पाकर !
शुभकामनायें !

सम्वेदना के स्वर said...

अरे! दुबारा पढा तो पता चला कि ये आपने अपनी माता जी को भाभी कहकर लिखा है... खैर फिर भी हमारी प्रतिक्रिया वही रहेगी.

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

अभिभूत हो गए हम ई पोस्ट पढ़कर... चरण वंदना स्वीकार कीजिए माता जी के लिए... माता जी काहे जब ऊ सारा जीवन भाभी जी बनी रहीं त हम आज भी भाभी जी ही बोलेंगे... एक साथ देश के अतीत में मौजूद तमाम महान नारियों, जो देश सेवा के लिए समर्पित थीं, के स्रेनी में खड़ी हो गईं भाभी जी. हमरा स्रद्धा सुमन सुइकार कीजिए!!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

माँ की पुण्यतिथि पर यह आलेख आपकी श्रृद्धांजलि है.... ऐसी हस्ती को मेरा नमन

देवेश प्रताप said...

बहुत अच्छा लगा ....आपके माँ के बारे में पढ़ कर .....इस पुण्यतिथि आपकी माँ को मेरा नमन .

Mukesh Kumar Sinha said...

aapki maa yaani bhabhi maa ko sat sat naman!!........

रश्मि प्रभा... said...

bhabhi hamesha yaad rahengi....aapne apne shabdon mein unko aur jivant kar diya

Parul said...

shat shat naman!

Parul said...

mujhe aapke comment ka tatpary samjh nahi aaya mam.plz bataiye :)

Divya said...

aise mamtamayee maa ko naman.

शोभना चौरे said...

bhabhi maa ko hmari adr shit shrdhanjli.

स्वाति said...

achha laga yah post padhkar..
wakai yah aapki ma ko sachhi sradhanjali hai..

sada said...

बहुत ही सुन्‍दर लेखन भाभी मां की पुण्‍यतिथि पर, ऐसी साहसी हस्‍ती होना घर में सबको अभिभूत कर जाता है, शत् शत् मेरा नमन, और आपकी लेखनी को वंदन ।

दीपक 'मशाल' said...

उन पुण्यात्मा को मेरा भी नमन..

kshama said...

Net band ho gaya,isliye comment deri se de rahi hun....Is sansmaran ne mujhe apne dada dadi kee yaad dila dee.

कविता रावत said...

Sach mein we log jo apne liye kam duniya ke liye jeete hain, amar hokar ek mishal kaayam kar jaate hai.. bhabhi maa ko hamari saadar shrdhanjli...

Vivek VK Jain said...

shraddhanjali

मनोज कुमार said...

एक भावभीनी रचना।
आपकॊ भाभी को विनम्र श्रधांजलि।

ज्योति सिंह said...

aapki bhabhi hum sabke liye misaal hai aur nari varg ke liye gaurav ,aese saahsi vyaktiyo ki to har desh ko jaroort hai ,achchha hua aapne likha nahi to hum anjaan rah jaate aesi divya aatmaa se ,unhe shat shat naman aur shradha suman bhi samarpit .badhiya bahut

Anonymous said...

Dear Aunty, Thank you very much for sharing some of the valuable moments from Bhabhi's journey. Aaj gyarah saal gujar gaey purr lagata hai jaisey kull kee hee baat hai...bhabhi kee baatein hum sub key dilon mein humesha taro taaja rehti hain. Bauji aur Bhabhi hum sub parivaar walon key liey and beyond wonderfull role models rahey hain aur rahengey....hum sub bahut kismat waley hain ki hum log itney acchey paarivarik vruksh key sadasy hain....saarey chanduwaad parivaar ki taraf sey Bhabhi aur Bauji ko koti koti pranaam. Aabha and family

Apanatva said...

meree yado ke safar me sahyatree banane ke liye bahut bahut dhanyvaad.............

Bhabhee aaj sath nahee pr unke aadarsh unkee soch path pradarshan niranter karte rahte hai..........

unkee kasautee pr khare utare ye cheshta hum bhai bahino kee banee rahtee hai.........

अरुणेश मिश्र said...

स्मृतियाँ भावपूर्ण एवं आत्मीय ।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

आपकी भाभी जी को हार्दिक श्रद्धांजलि।
................
अपने ब्लॉग पर 8-10 विजि़टर्स हमेशा ऑनलाइन पाएँ।

रचना दीक्षित said...

अच्छा लगा माँ के बारे में जानकर

अनामिका की सदाये...... said...

आपकी भाभी माँ को शत शत नमन. आपके शब्दों से दी गयी श्रध्हांजलि में हम भी आप के साथ है.

बेचैन आत्मा said...

yaden to vaise bhii niind uda deti hain ..fir maan kii yaden ! kya kahna . us jamane ke logon kii riidh kii haddi kuchh adhik majboot hotii thii shayad . meri maan bhi 86 varsh tk badi damdaari se jivit rahiin.
..sv.. maan ko mera nmn.

sanu shukla said...

apki mata ji ko hamara naman..

Swatantra said...

खूब लडी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी !

दिगम्बर नासवा said...

अनुपम लिखा है ... भाभी वैसे भी माँ ही होती है .... अच्छा लगा जान कर आपके माता पिता के बारे में .....

Vijay Pratap Singh Rajput said...

अच्छा लगा
ऐसी हस्ती को मेरा शत् शत् मेरा नमन

राकेश कौशिक said...

भाभी माँ को सादर श्रद्धांजलि.

Tripat "Prerna" said...

bahut khoobsoorat

http://sparkledaroma.blogspot.com/

Saumya said...

shat shat naman...she was a great soul!

निर्मला कपिला said...

आपकी माता जी ने जिस साहस और जज़्बे का परिचय दिया अनायास ही मस्त्क झुक जाता है ऐसी महान आत्माओं के आगे। उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धा सुमन अर्पित करती हूँ। बहुत दिनों बाद आने के लिये क्षमा प्रार्थी हूँ। आभार।

dipayan said...

आपके माँ के बारे मे जानकर शीश खुदबखुद श्रद्धा मे झुक गया । उनको शत शत नमन ।

JHAROKHA said...

aaj aapko bahut dino baad padh rahi hun idhar kafi byastatayein sasu maa ki bimaari aur shadiyon me vyst thi.
thoda asvasth bhi hun.is liye der se aapki post padh rahi hun.
aapki maa ki punytihi par maa ko man se sradhanjali arpit karti hun.
sahi mayane me aapki maa ek dharm nirpeksh,insaniyat se pyar karne wali,sashakt mahila thi jo sabhi ki sewa ke lie ji-jaan se lagi rahin.bachche jo kuchh bhi sikhte hain,uski jad maa aur babuji
hi hote hain.
yah jaan kar aur bhi khushi hui ki aapke babuji bhi allahabad ke hain aur ham bhi allahabad ki hi rahane wali hun.
poonam

sangeeta said...

it was great to know about your mother .....we need more people like her and it's true that such people touch many lives........even after they are no more .
thanks for this write up.

i have not been writing anything because of many family engagements...i am out of delhi and will be active as soon as i come back....BTW i lost one of my teachers who has been very motherly to me and your write up makes me remember her.

sm said...

thanks for sharing information about Bhabhi

Dr.R.Ramkumar said...

जिन्दगी पर पड़नेवाला हर प्रभाव जिन्दगी को दिशा देता है, वर्तमान और भविष्य गढ़ता है.. एक उत्तम चरित्र ने आपको गढ़ा है; इसलिए ही शायद आप हैं ‘अपनत्व’

संवेदनशील प्रस्तुति के लिए बधाई

Anonymous said...

Dear Aunty,

AApsey ek request hai kee aap please jubhi aapko fursat miley tub humarey purvajon (especially Bauji aur Bhabhi) key baarey mein aapko jo yaad hai issi tarah hum subko bateyeyga...kyonki yahi ek sacchi heritage hai joki pichli generation sey aagey kee generations ko milegi.....aur iss golden heritage ko humsub tuk pahunchaney ke liey hum bacchey humesha aapkey aabhari rahengey. with love Aabha

amita said...

full of inspiration !!
no more words to express....
all I can say is u r definetely bless child to be born of such parents !!