Wednesday, June 16, 2010

लज्जा

जब बड़प्पन

सभी मर्यादा लांघ

ओछेपन पर

उतर आता है ।

ओछापन तब

लज्जा से मूक हो

चुल्लू भर पानी मे

डूब मर जाता है ।

24 comments:

डा0 हेमंत कुमार ♠ Dr Hemant Kumar said...

कम शब्दों में आप बहुत बड़ी बात कह गयीं।शुभकामनायें।

रचना दीक्षित said...

बहुत ही खूबसूरती से बयान कर दी ये दास्ताँ

अनामिका की सदायें ...... said...

बिलकुल सही कहा आपने.

Unknown said...

नमस्ते,

आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

दिलीप said...

waah bahut gehri baat...

पंकज मिश्रा said...

sirf itna hi kahooga. shaandaar. shandaar shandaar.
http://udbhavna.blogspot.com/

kshama said...

Ochhepan ko lajjit hanahi padta hai...badi saralta se bayaan kiya hai aapne!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

पतन का इसके आगे कोनो सीमा नहीं हो सकता है... एक बार फिर नमन आपको!!

sm said...

just few lines
and you touched so many problems from rape to teacher beating a school boy and his suicide.
thanks.

देवेन्द्र पाण्डेय said...

वाह!
कितनी अच्छी बात कही है आपने. बिलकुल सत्य.
..डूब जाता है.. लिखने से ही बात पूरी हो जाती है. 'मर' शब्द अतिरिक्त लग रहा है.

सम्वेदना के स्वर said...

मर्यादाओं के उल्लंघन और ओछेपन की बीच की खाई की अनोखी परिभाषा...यह आप ही कर सकती हैं...

निर्मला कपिला said...

गागर मे सागर भर दिया बहुत सुन्दर बधाई

anoop joshi said...

bahut khub ma'm

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

जब बड़प्पन

सभी मर्यादा लांघ


ओछेपन पर

उतर आता है ।

ओछापन तब

लज्जा से मूक हो

चुल्लू भर पानी मे

डूब मर जाता है ।
कितनी खूबसूरती से पते की बात कही आपने , बहुत खूब !

Satish Saxena said...

बिहारी भाई से सहमत हूँ !

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत गहरी बात ....विचारणीय प्रस्तुति

रश्मि प्रभा... said...

waah, bilkul sahi kaha

मुकेश कुमार सिन्हा said...

Ochhepan ke baad Lajja to khud dub marti hai ..........:)

chand sabdo me pyari baat!!

ज्योति सिंह said...

हुत बहुत सुन्दर ,लज्जा एक आभूषण है

अनामिका की सदायें ...... said...

आप की इस रचना को शुक्रवार, 18/6/2010 के चर्चा मंच पर सजाया गया है.

http://charchamanch.blogspot.com

आभार

अनामिका

मनोज कुमार said...

रचना जीवन की अभिव्यक्ति है।

दिगम्बर नासवा said...

सौफी सदी सच ... आपकी छोटी छोटी सीख देने की अदा कामयाब है ........

ZEAL said...

awesome !

You said everything in just few words.

Maria Mcclain said...

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