Wednesday, January 4, 2012

सरगर्मी

चुनाव की गरमा गरमी
होगई है अब शुरू
यंहा चेला तो कोई दिखता नहीं
सब ही है बस गुरु ।

अन्ना ने किया आन्दोलन
और थे कुछ मुद्दे भी उठाए
लोकपाल का मुद्दा पिछड़ गया
वोटपाल जो है सर उठाए ।

एक दूसरे को नीचा दिखाने की
बस लग गयी है आपस मे होड़
कीचड उछालने मे है लगे सभी
अपनी सभ्यता संस्कृति को छोड़ ।

शर्म आज नेताओ को आती नहीं
मोटी होगई है इनकी चमड़ी
जनहित करने आए थे भूल गए
घोटालों की भ्रष्ट राह जो पकड़ी ।

35 comments:

sushma 'आहुति' said...

सुंदर अभिव्यक्ति..

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

दीदी! आईना दिखाया है आपने बेशर्मों को.. मगर एक बात है, आप पर भी राजनीति के रंग दिखाई देने लगे हैं!! :)

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सटीक और समसामयिक रचना ..

प्रवीण पाण्डेय said...

इस बार वोटरों का निर्णय पुनः देखना है।

सदा said...

सार्थक व सटीक प्रस्‍तुति ।

Amrita Tanmay said...

बहुत बढ़िया..

Mukesh Kumar Sinha said...

didi sabse pahle nav varsh ki shubhkanayen...:)

aapkee rachna to behtareen hoti hi hai!

Preethi Kashyap said...

Hello Ma'am, Really beautiful touch you have given! I would really love to get in touch with you! Please get me your email id!
Thank you!

Regards,
Preethi Kashyap
Editor-in-chief
IUeMAG(www.iuindia.com)
preethirkashyap@gmail.com

kshama said...

एक दूसरे को नीचा दिखाने की
बस लग गयी है आपस मे होड़
कीचड उछालने मे है लगे सभी
अपनी सभ्यता संस्कृति को छोड़ ।
Shatpratishat sach hai ye!
Naya saal bahut mubarak ho!

shekhar suman.. शेखर सुमन.. said...

ab to yahi zamaana hai... :(

सुबीर रावत said...

नेताओं पर एक करारा व्यंग्य. आभार !!

SKT said...

वोटपाल के चक्कर में लूट-खसोटपाल नेता बन गए हैं नोंचपाल, चोटपाल!!

दिगम्बर नासवा said...

Sahi likha hai ... Ye Neta moti chamdi ke bane hote hai ... Lajawab abhivyakti. ...

Naveen Mani Tripathi said...

Vah kya khoob likhati hain ap ......aj ki halalat pr prabhavshali prastuti ...abhar ke sath hi badhai

somali said...

nice mam

संजय @ मो सम कौन ? said...

"यंहा चेला तो कोई दिखता नहीं
सब ही है बस गुरु ।"

एकदम सही:)

संजय @ मो सम कौन ? said...

"यंहा चेला तो कोई दिखता नहीं
सब ही है बस गुरु ।"

एकदम सही:)

Bharat Bhushan said...

एक बात तो प्रमाणित हो चुकी है कि नेताओं पर ग़रीबों की हाय नहीं पड़ती. देखते हैं अब आपका गुस्सा क्या रंग लाता है :))

mridula pradhan said...

samyik bahut achchi lagi.

mridula pradhan said...

samyik bahut achchi lagi.

boletobindas said...

चलिए चुनावी गर्मागर्मी में आप फिल से ब्लग पर नजर आ गई ...स्वागत है ..साथ में चुनाव पर क्या कहूं..सब तो आपने कह ही दिया है..इसलिए मेरी पोस्ट मे से फिलहाल चुनाव को और कुछ दिन के लिए तड़ी पार किया मैने

mahendra verma said...

अच्छा व्यंग्य किया है आपने इस कविता में।
बहुत बढि़या।

dinesh aggarwal said...

सहज, सरल एवं सुन्दर प्रस्तुति....
कृपया इसे भी पढ़े-
क्या यही गणतंत्र है

kshama said...

Kaafee arse baad mere blog pe apka comment dekh ke bahut khushee huee! Aapkee tabiyat kaisee hai?

मिश्री की डली ज़िंदगी हो चली said...

satya ko ujagar karti achchi rachna

Kunwar Kusumesh said...

sabhi neta bhrasht hain to voter bhi kya kar payenge,andhon men hi koi kana raja chun lenge.

Urmi said...

बहुत बढ़िया लगा! शानदार प्रस्तुती!

lokendra singh rajput said...

कविता हकीकत बयां करती है। लेकिन, हमें ध्यान रखना है है कि इस चुनाव में और आने वाले चुनाव में अन्ना की ओर उठाए गए मामलों को जनता के बीच जीवंत रखें। साथ ही मतदान के लिए सबको प्रेरित करें। बाकी चुनाव की बेला में बहुत कुछ चलता है। जनता जागरूक हो जाएगी तो ये बहुत कुछ, कुछ हद तक कम ही चलेगा।

amrendra "amar" said...

बहुत बढ़िया रचना..

boletobindas said...

राजनीति की यही सच्चाई रह गई है। ईमानदार लोगो की गिनती लगभग नगण्य है। नगण्य इसलिए नहीं कि वो है नहीं..बल्कि इस लिए कि अधिकतर ईमानदार लोग अकर्मण्य हो गए हैं। चुप रहना ही बेहतर समझते हैं। यहां भी संसद में भी।

Naveen Mani Tripathi said...

कीचड उछालने मे है लगे सभी
अपनी सभ्यता संस्कृति को छोड़ ।
prabhavshali panktiyan

JHAROKHA said...

di
hardik dhanyvaad
bahut hi achcha laga aapko dekh kar.abki aapki post bilkul hi alag si dikhi.
sach ko aapne samne badi hi sachhai ke saath prastut kiya hai------sadar naman
poonam

sm said...

बहुत बढ़िया
lets see who wins again

कविता रावत said...

चुनाव की गरमा गरमी
होगई है अब शुरू
यंहा चेला तो कोई दिखता नहीं
सब ही है बस गुरु ।
..गुरु घुटी पीकर जन्में जो है ये सब..
..बहुत बढ़िया प्रस्तुति..

S.N SHUKLA said...

बहुत सुन्दर सृजन,बधाई.

कृपया मेरे ब्लॉग" meri kavitayen" की नवीनतम पोस्ट पर पधारकर अपना स्नेह प्रदान करें.